Sthapana Divas And louis braille Birthday

जब मैं सम्पूर्ण घरेलू कामगार सर्वेक्षण एवं उत्थान समिति की कार्यालय में पहुँचा तो सारा वातावरण संगीतमय था।   डान्स मास्टर कार्यालय की दूसरी मंजिल पर बच्चों को डान्स सिखा रहे थे। मुझे समिति के कोषाध्यक्ष कृष्ण कुमार झा से विस्तार से बातचीत करने का मौका मिला। पेश है बातचित का मुख्य अंश।

पत्रकार: आपकी समिति ने अल्प समय में काफी काम किया है इसका श्रेय आप किसे देना चाहेंगें?

प्रवक्ता: सम्पूर्ण सदस्यों को। समिति के सारे सदस्यों ने जिस नि:स्वार्थ भाव से कदम से कदम मिलाकर चला है, वह काबिले तारीफ है, मगर हमें प्रभा मुनि अध्यक्षा एवं रोहित कुमार मुनि- महासचिव के पन्द्रह वर्षों के अनुभव का बड़ा लाभ मिला है।

पत्रकार: आपके महासचिव ने घोषणा कर दी कि यदि एक वर्ष के अन्दर घरेलू कामगारों के हित में ट्रिब्युनल कोर्ट का गठन नहीं करा सका तो वापस बिहार लौट जाएँगें। इतने कम समय में क्या यह संभव है।

प्रवक्ता: बिल्कुल संभव है, हम वर्षों से इस दिशा में प्रयत्नशील हैं और हमारी मेहनत रंग ला रही है। जरुरत पड़ी तो हम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएँगें और जंन्तर-मंन्तर पर प्रदर्शन भी करेंगें।

पत्रकार: आपकी समिति ने करिब एक वर्ष में जो कर्यक्रम किया है उसका ब्योरा संक्षेप में दे।

प्रवक्ता: यूँ तो हमारा प्रत्येक दिन एक नए कार्यक्रम को अंजाम देता है। हम सर्वेक्षण का काम करते हैं और साथ-साथ समस्याओं का निपटारा करते जाते हैं। परन्तु स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर माननीय विधायक डा. विजेन्द्र सिंह जी द्वारा सिलाई सेन्टर का उद्दघाटन, कार्मा पर्व के अवसर पर सफाई के प्रति जागरुकता अभियान एवं “भव्य विचार गोष्ठी” का आयोजन एक यादगार कार्यक्रम रहा है। विचार गोष्ठी से हमें बहुत प्रेरणा मिली है और मार्ग दर्शन भी मिला है।

पत्रकार: अच्छा यह बताइए पहले से भी कई संस्था इस क्षेत्र में काम कर रहीं हैं, “सेवा भारती संस्था” वर्ष में कई मनोरंजक प्रोग्राम भी करती है और उनपर जबरन चन्दा वसूली, प्लेसमेन्ट संचालकों को तंग करना, ब्लैकमेल करना आदि कई आरोप भी लगतें रहें हैं। आपकी संस्था इससे अलग कैसे है।

प्रवक्ता: जनावेआली, कब्र खोदना, गढे मुर्दे उखाड़ना और समाज को सच का आईना दिखाना तो आप पत्रकारों का काम है। हमें सेवा करने दीजिए। आपको हमारा काम खुद ब खुद बता देगा हम दूसरों से हटकर हैं।

पत्रकार: क्या आप अपने काम से संन्तुष्ट हैं।

प्रवक्ता: बिल्कुल नहिं, हम एक-एक मरीज का ईलाज कर रहें हैं, लेकिन मर्ज महामारी का रुप ले लिया है। जबतक सरकार घरेलू कामगारों के हित में कानून नही बनाती है, इनके लिये न्युनतम मजदूरी तय नही होता है और इन्हें सस्ती न्याय दिलाने के लिये ट्रिब्युनल कोर्ट का गठन नही होता है हमारी लड़ाई जारी रहेगी।

पत्रकार: आपका भावी प्रोग्राम क्या है?

प्रवक्ता: धन्यवाद, आपने बड़ा ही सार्थक प्रश्न पूछा है। आगामी ४-जनवरी-२०११ को हम अपना स्थापना दिवस मनाने जा रहें हैं। अंधों के मसीहा “लुई ब्रेल” का जन्म दिवस भी इसी दिन है। हम उन्हें श्रद्धान्जली देंगें। केन्द्रीय मन्त्री एवं दिल्ली प्रदेश के कतिपए मंत्री गण विधायक आदि हमारे कार्यक्रम में शामिल हो रहें हैं। “बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम” हमारा मुख्य आकर्षण होगा और इसके बाद होगा नन-स्टाप आर्केस्टा, जिसके कलाकार झारखन्ड एवं बिहार से आ रहें हैं। इस पत्र के माध्यम से हम समस्त पाठक बंधुओं को क्रिसमस की शुभकामना देते हैं एवं अपने कार्यक्रम में आमंत्रित करते हैं। हमारे कार्यक्रम में प्रवेश नि:शुल्क रहेगा।

कृष्ण कुमार झा